अमूनन लोगों को अपनी ज़िन्दगी में पैसे को लेकर उसकी प्राथमिकता का क्रम पता नहीं होता .
हो सकता है आपको सुनने में ये थोड़ा अजीब लगे ,लेकिन आप प्राथमिकता क्रम बनाये तो आपको पता चलेगा कि आप कंफ्यूज ( Confuse ) है कि किसको ऊपर रखूं और किसको नीचे. कृपया इस क्रम को बनाये और ईमानदारी से बनाये !
अगर पैसा आपकी प्राथमिकता के तीसरे क्रम में आ रहा है तो चौकन्ने हो जाए आप खतरनाक स्थिति में है !
मेरा ये वाक्य पढ़कर अगर आप क्रम को बदल रहे है तो कृपया इस बात को समझ लेवे इस से आपको कोई फायदा होने वाला नहीं है क्योंकि जब तक आपकी मानसिकता में ये प्राथमिकता क्रम में नहीं बदलता आप अपने प्रयासों में बदलाव नहीं कर पाएंगे .
आप सोच रहे होंगे मैंने तीसरा क्रम क्यों लिखा ?
पैसा आपके पहले या दूसरे क्रम में है ,वहां तक ठीक है अगर उसके बाद वाले क्रम में है तो ध्यान देवे आपका पैसे से डायरेक्ट सम्बन्ध नहीं है बल्कि उसके बीच में दो और पड़ाव है जो आपकी ऊर्जा को सोख सकते है !
मान लीजिये आपके पहले क्रम में परिवार को क्वालिटी टाइम ( Quality Time ) देना है ,दूसरे क्रम में मनोरंजन का कोई साधन है या पूजा-पाठ है या N G O के लिए कार्य करना है ,उसके बाद पैसा है तो क्या होगा ?
अगर आप बहुत ज्यादा ऊर्जावान है तो भी जाहिर सी बात है आपकी ऊर्जा इन्ही दो प्राथमिकताओं में तुलनात्मक रूप से ज्यादा वितरित होगी ,अपनी तीसरी प्राथमिकता के लिए आप कितना क्या प्रयास करेंगे, कर पाएंगे ?
आदमी अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार कार्य करता है और किये गए कार्यों के अनुसार ही उसको प्राप्त होता है ,अगर आप परिवार को क्वालिटी टाइम देने का प्रयास करेंगे तो जाहिर सी बात है आप क्वालिटी टाइम देना सीखेंगे और क्वालिटी टाइम देंगे . ( अमूनन 90 % लोग परिवार के साथ वक्त गुजारना,या उन पर पैसा खर्च करना ही क्वालिटी टाइम देना समझते है -उन्हें टाइम और क्वालिटी टाइम का फर्क ही पता नहीं होता !)
अब अगर पैसा आपकी प्राथमिकता में तीसरे नंबर पर है तो ज़ाहिर सी बात है आप पहले और दूसरे नंबर वाली प्राथमिकता को लेकर ज्यादा उत्सुक रहेंगे और पैसे के प्रयास उसकी प्राथमिकता के अनुरूप ही करेंगे और उसी अनुपात में वो आपको प्राप्त होगा !
अगर आप गरीबी या मध्यम वर्गीय स्तर पर है ,आपको लगता है कि आपकी कमाई कम है तो कृपया अपने पैसे की प्राथमिकता के स्तर को चेक ( Check )करे और उसमे समुचित बदलाव लायें.आप जो चाहेंगे वो आपको मिलेगा बशर्ते आप अपनी प्राथमिकता में स्पष्ट हो और सही तरीके से प्रयास करें .
- सुबोध
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अगर पैसा आपकी प्राथमिकता के तीसरे क्रम में आ रहा है तो चौकन्ने हो जाए आप खतरनाक स्थिति में है !
मेरा ये वाक्य पढ़कर अगर आप क्रम को बदल रहे है तो कृपया इस बात को समझ लेवे इस से आपको कोई फायदा होने वाला नहीं है क्योंकि जब तक आपकी मानसिकता में ये प्राथमिकता क्रम में नहीं बदलता आप अपने प्रयासों में बदलाव नहीं कर पाएंगे .
आप सोच रहे होंगे मैंने तीसरा क्रम क्यों लिखा ?
पैसा आपके पहले या दूसरे क्रम में है ,वहां तक ठीक है अगर उसके बाद वाले क्रम में है तो ध्यान देवे आपका पैसे से डायरेक्ट सम्बन्ध नहीं है बल्कि उसके बीच में दो और पड़ाव है जो आपकी ऊर्जा को सोख सकते है !
मान लीजिये आपके पहले क्रम में परिवार को क्वालिटी टाइम ( Quality Time ) देना है ,दूसरे क्रम में मनोरंजन का कोई साधन है या पूजा-पाठ है या N G O के लिए कार्य करना है ,उसके बाद पैसा है तो क्या होगा ?
अगर आप बहुत ज्यादा ऊर्जावान है तो भी जाहिर सी बात है आपकी ऊर्जा इन्ही दो प्राथमिकताओं में तुलनात्मक रूप से ज्यादा वितरित होगी ,अपनी तीसरी प्राथमिकता के लिए आप कितना क्या प्रयास करेंगे, कर पाएंगे ?
आदमी अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार कार्य करता है और किये गए कार्यों के अनुसार ही उसको प्राप्त होता है ,अगर आप परिवार को क्वालिटी टाइम देने का प्रयास करेंगे तो जाहिर सी बात है आप क्वालिटी टाइम देना सीखेंगे और क्वालिटी टाइम देंगे . ( अमूनन 90 % लोग परिवार के साथ वक्त गुजारना,या उन पर पैसा खर्च करना ही क्वालिटी टाइम देना समझते है -उन्हें टाइम और क्वालिटी टाइम का फर्क ही पता नहीं होता !)
अब अगर पैसा आपकी प्राथमिकता में तीसरे नंबर पर है तो ज़ाहिर सी बात है आप पहले और दूसरे नंबर वाली प्राथमिकता को लेकर ज्यादा उत्सुक रहेंगे और पैसे के प्रयास उसकी प्राथमिकता के अनुरूप ही करेंगे और उसी अनुपात में वो आपको प्राप्त होगा !
अगर आप गरीबी या मध्यम वर्गीय स्तर पर है ,आपको लगता है कि आपकी कमाई कम है तो कृपया अपने पैसे की प्राथमिकता के स्तर को चेक ( Check )करे और उसमे समुचित बदलाव लायें.आप जो चाहेंगे वो आपको मिलेगा बशर्ते आप अपनी प्राथमिकता में स्पष्ट हो और सही तरीके से प्रयास करें .
- सुबोध
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मेरा ये वाक्य पढ़कर अगर आप क्रम को बदल रहे है तो कृपया इस बात को समझ लेवे इस से आपको कोई फायदा होने वाला नहीं है क्योंकि जब तक आपकी मानसिकता में ये प्राथमिकता क्रम में नहीं बदलता आप अपने प्रयासों में बदलाव नहीं कर पाएंगे .
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